Tuesday, 13 October 2026 LATEST NEWS • BEYOND LIMITS
Politics

दिल्ली में केजरीवाल समेत AAP नेताओं के खिलाफ FIR, बंगला साहिब विवाद में पुलिस ने शुरू की जांच

नई दिल्ली: दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब से जुड़े विवाद में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के नेताओं और विधायकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) की शिकायत के बाद हुई है। शिकायत में गुरुद्वारा परिसर में कथित राजनीतिक गतिविधियों और घटना से जुड़े भ्रामक वीडियो व सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित करने के आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस शिकायत के साथ सौंपे गए वीडियो फुटेज की जांच कर रही है। मामले में जांच पूरी होने से पहले आरोपों को साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद सामने आया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों को हिरासत में लेने की कोशिश के दौरान गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर के इस्तेमाल को लेकर विवाद हुआ।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक परिसर में राजनीतिक नारेबाजी की और वहां की मर्यादा का उल्लंघन किया। कमेटी ने यह भी दावा किया कि घटना के चुनिंदा वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए गुरुद्वारा प्रबंधन के बारे में भ्रामक धारणा बनाने की कोशिश की गई।

कमेटी ने अपनी शिकायत में संबंधित लोगों की पहचान करने और मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी।

पुलिस ने वीडियो फुटेज की जांच शुरू की पुलिस ने शिकायत के साथ दिए गए वीडियो फुटेज की जांच शुरू कर दी है। जांच का उद्देश्य घटना के वास्तविक क्रम और उसमें शामिल लोगों की भूमिका से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना है।

फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्ट में FIR दर्ज होने की पुष्टि है, लेकिन जांच के अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति की भूमिका या जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

गुरुद्वारा परिसर में पुलिस के प्रवेश पर भी उठा विवाद

इस मामले में पुलिसकर्मियों के गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश को लेकर भी सवाल उठे थे। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा कि पुलिसकर्मी मुख्य दरबार हॉल में नहीं गए थे, बल्कि परिसर के भीतर से गुजरने वाले रास्ते का इस्तेमाल किया था। हालांकि, उन्होंने वर्दी में पुलिसकर्मियों के परिसर में प्रवेश पर आपत्ति भी जताई।

दूसरी ओर, नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा था कि पुलिसकर्मी उस साझा रास्ते से गुजर रहे थे, जिसका इस्तेमाल श्रद्धालु जूते उतारने वाले स्थान तक पहुंचने के लिए करते हैं। पुलिस ने वायरल वीडियो को दुर्भावनापूर्ण तरीके से साझा किए जाने की बात भी कही थी।

आगे क्या होगा?

अब मामले की जांच के दौरान वीडियो फुटेज, शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित पक्षों की भूमिका की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।

निष्कर्ष: बंगला साहिब विवाद में FIR दर्ज होने के बाद मामला जांच के चरण में है। फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच में पुलिस को क्या तथ्य मिलते हैं।

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