केंद्र सरकार का राष्ट्रव्यापी वित्तीय समावेशन अभियान शुरू, 2.70 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों पर रहेगा फोकस
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देशभर में वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए राष्ट्रव्यापी वित्तीय समावेशन अभियान शुरू किया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की इस पहल के तहत 2.70 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों को शामिल किया जाएगा। अभियान 31 दिसंबर तक चलेगा।
वित्तीय सेवा विभाग के अनुसार, इस अभियान के दौरान बैंक विभिन्न सरकारी योजनाओं में पात्र लोगों का पंजीकरण कराने के लिए विशेष शिविर आयोजित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक बीमा, पेंशन और कृषि से जुड़ी वित्तीय सुविधाएं पहुंचाना है।
तीन प्रमुख सरकारी योजनाओं में नामांकन पर जोर
अभियान के तहत बैंकों को तीन प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में लोगों का नामांकन बढ़ाने के लिए शिविर लगाने को कहा गया है। इनमें शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY): पात्र लोगों को जीवन बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने वाली योजना।
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY): दुर्घटना बीमा सुरक्षा प्रदान करने वाली योजना।
- अटल पेंशन योजना (APY): पात्र अंशधारकों को निर्धारित शर्तों के अनुसार पेंशन की सुविधा देने वाली योजना।
इन योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और पात्र नागरिकों को आवेदन तथा नामांकन की प्रक्रिया में सहायता देने पर ध्यान दिया जाएगा।
किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण पहल
इस अभियान में कृषि क्षेत्र से जुड़ी वित्तीय सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। रबी मौसम से पहले किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के आवेदनों और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नामांकन को बढ़ावा देने की योजना है।
किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से पात्र किसानों को कृषि संबंधी जरूरतों के लिए संस्थागत ऋण प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। वहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार फसलों का बीमा कराया जा सकता है।
अभियान के दौरान किसानों को इन सुविधाओं की जानकारी देने और आवेदन प्रक्रिया तक उनकी पहुंच आसान बनाने पर जोर रहेगा।
राज्य प्रशासन और बैंक करेंगे अभियान की निगरानी
वित्त मंत्रालय के अनुसार, अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य प्रशासन, बैंकों और वित्तीय सेवा विभाग के अधिकारी इसकी प्रगति पर नजर रखेंगे। ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों के स्तर पर आयोजित शिविरों के जरिए पात्र लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य केवल योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि पात्र लोगों को नामांकन और वित्तीय सेवाओं से जोड़ना भी है।
वित्तीय समावेशन को मिलेगा बढ़ावा
वित्तीय समावेशन का अर्थ है कि लोगों को बैंकिंग, बीमा, पेंशन और अन्य जरूरी वित्तीय सेवाओं तक उचित पहुंच मिल सके। विशेष रूप से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए ऐसी पहल सरकारी योजनाओं की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने में मदद कर सकती है।
केंद्र सरकार का यह अभियान वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, पात्र नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने और समावेशी विकास के प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।
निष्कर्ष: राष्ट्रव्यापी वित्तीय समावेशन अभियान के तहत 31 दिसंबर तक 2.70 लाख ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। बीमा, पेंशन और कृषि से संबंधित योजनाओं में नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इच्छुक लोगों को पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी संबंधित बैंक या आधिकारिक योजना पोर्टल से लेनी चाहिए।


