करवा की टोंटी में क्यों लगाई जाती हैं सींकें
इस दिन को सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए निर्जला उपवास करती हैं और रात में चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही इस व्रत का पारण किया जाता है।
इस दिन की पूजा में कुछ विशेष चीजों का इस्तेमाल किया जाता है जैसे करवा, छलनी, सींकें, सुहाग का सामान, दीपक, चावल प्रमुख माने जाते हैं। आमतौर पर यह सामग्रियां किसी भी पूजा में इस्तेमाल में लाई जाती हैं, लेकिन करवा की टोंटी में लगाई जाने वाली सींकें इन सामग्रियों से अलग होती हैं।
इन सींकों के बिना करवा चौथ की पूजा अधूरी होती है। अगर आप भी करवा चौथ की पूजा में इन सींकों का इस्तेमाल करते हैं, तो इसके महत्व और इससे जुड़ी कथाओं के बारे में जरूर जानें।
करवा चौथ में किन चीजों का इस्तेमाल होता है?अगर हम करवा चौथ की सामग्री की बात करें,तो इसमें मुख्य रूप से छलनी, दीपक, मिट्टी का करवा, सुहाह की सामग्रियों और मुख्य रूप से सींकों का इस्तेमाल होता है। महिलाएं पूजा के समय करवा की टोंटी पर सींकें लगा लेती हैं। यही नहीं शास्त्रीय नियमों के अनुसार, पूजा में यदि सींकें इस्तेमाल नहीं होती हैं, तो पूजा को पूर्ण नहीं माना जाता है।
करवा चौथ में सींकों का इस्तेमाल करने की कथा
करवा चौथ की पूजा के समय करवा की टोंटी में सींकों को लगाने के पीछे एक पौराणिक कथा है, जो सदियों से चली आ रही है। इन सींकों को करवा माता की शक्ति से जोड़ा जाता है और इसकी कथा के अनुसार, एक बार करवा माता के पति का पैर मगरमच्छ ने पकड़ लिया।
उस समय करवा माता ने अपनी शक्ति से इन सींकों का इस्तेमाल करके मगरमच्छ को बांध दिया और यमराज के पास पहुंचीं। उस समय स्वर्गलोक में चित्रगुप्त जी करवा माता के जीवन का लेखा-जोखा लिख रहे थे। तब करवा माता ने इन्हीं सींकों से चित्रगुप्त के पन्नों से पति से जुड़े इस प्रसंग को अलग कर दिया, जिससे यमराज को उनकी रक्षा करके उनके प्राण बचाने पड़े। उसी समय से मान्यता यह है कि इन सींकों का इस्तेमाल करवा चौथ की पूजा में करने से पति को दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
करवा चौथ की पूजा में कितनी सींकों का इस्तेमाल होता है?
करवा चौथ की पूजा में 7 -7 की संख्या में 4 जगहों पर सींकों को रखा जाता है, जिसमें 7 सींकें करवा टोंटी पर लगाई जाती हैं। कुल मिलाकर पूजा में 28 सींकें इस्तेमाल होती हैं। महिलाएं करवा को हाथ में लेकर जब करवा माता की परिक्रमा करती हैं उस समय भी करवा की टोंटी में यह सींकें लगी होनी चाहिए।


