Share Market Fall: सेंसेक्स डे-हाई से 600 अंक टूटा, निफ्टी 22,600 के नीचे
Share Market Fall: घरेलू शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी कभी बढ़त के साथ हरे निशान में पहुंचे, तो कभी गिरावट के साथ लाल निशान में फिसल गए। विदेशी निवेशकों की बिकवाली में नरमी और टैक्स में राहत की उम्मीद से बाजार को सहारा मिला। वहीं, मुनाफावसूली और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।
सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी गिरावट?
दोपहर 1:07 बजे सेंसेक्स 313.37 अंक यानी 0.43% गिरकर 72,720.41 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 50 भी 116.45 अंक यानी 0.51% टूटकर 22,605.50 पर आ गया।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 73,195.26 के ऊपरी स्तर तक पहुंचा था, लेकिन बाद में गिरकर 72,578.75 तक आ गया। इस तरह इसने अपने दिन के उच्च स्तर से 616.51 अंक गंवा दिए। वहीं, निफ्टी 22,757.95 तक चढ़ने के बाद फिसलकर 22,558.95 तक पहुंच गया। दूसरी ओर, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली।
बाजार में गिरावट की 4 बड़ी वजहें
1. ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली
पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी डेढ़ फीसदी से ज्यादा मजबूत हुए थे। इसके बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा वसूला, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ गया।
2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 13 अक्टूबर को लगातार 13वें कारोबारी सत्र में शुद्ध बिकवाली की। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने करीब 1,305 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट बिक्री की। विदेशी पूंजी की निकासी बाजार की धारणा पर असर डाल रही है।
3. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच संघर्ष से आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ने की खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने से भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ा। भारत के लिए महंगा तेल आयात लागत और महंगाई की चिंता बढ़ा सकता है।
4. India VIX में बढ़ोतरी
बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंका दर्शाने वाला India VIX 2.33% बढ़कर 14.45 पर पहुंच गया। VIX में बढ़ोतरी आम तौर पर निकट अवधि में बाजार की अस्थिरता को लेकर बढ़ती आशंका का संकेत देती है।
इन वजहों से बाजार को मिल रहा सहारा
LTCG और STT पर सरकार के रुख से उम्मीद
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को लेकर विभिन्न पक्षों की राय सुनना चाहेगी। बजट की तैयारी शुरू होने के बीच इस बयान से निवेशकों में संभावित राहत की उम्मीद जगी। हालांकि, सरकार ने किसी टैक्स कटौती की घोषणा नहीं की है।
रुपये में मजबूती से राहत
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, करेंसी बाजार में सट्टेबाजी रोकने के लिए RBI के कदमों के बाद पिछले दो कारोबारी सत्रों में रुपये में करीब 1.5% की मजबूती आई। इससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव कुछ कम होने में मदद मिल सकती है।
घरेलू निवेशकों की खरीदारी
घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी भी बाजार को सहारा दे रही है। हालांकि, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बीच-बीच में होने वाली मुनाफावसूली के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
निफ्टी के लिए 22,480 का स्तर अहम
तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,480 और सेंसेक्स के लिए 72,500 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं, ऊपर की ओर निफ्टी में 22,850 और सेंसेक्स में 73,500 के स्तर को तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर देखा जा रहा है।
इन रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर टिकाऊ तेजी आने पर बाजार में और रिकवरी की संभावना बन सकती है। इसके विपरीत, अहम सपोर्ट टूटने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, ये तकनीकी स्तर विश्लेषकों के अनुमान हैं, निश्चित बाजार परिणाम नहीं।
चॉइस ब्रोकिंग के अनुसार, पिछली कारोबारी सत्र की रिकवरी से बाजार की धारणा में सुधार हुआ है। इसके बावजूद विदेशी निवेशकों की बिकवाली और मुनाफावसूली निकट अवधि में अस्थिरता बनाए रख सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है, निवेश सलाह नहीं। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।


