दिवाली पर प्याज-लहसुन का डबल झटका: खुदरा भाव 70 के पार
Vegetable Market Rate: नागपुर जिले में त्योहारी सीजन के बीच प्याज के तेवर सख्त हो गए है। खुदरा में प्याज 80 रुपये प्रति किलो बिक रही है। वहीं प्याज विक्रेताओं का कहना है कि आने वाले डेढ़ महीने तक प्याज की महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
थोक और खुदरा बाजारों में प्याज के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं जिससे आम आदमी की परेशानी काफी बढ़ गई है। दिवाली से पहले ही प्याज आम नागरिक को रुला रही है। खुदरा व्यापारियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में प्याज की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है।
मंडी या जगह पर प्याज का थोक भाव (करीब 55 से 65 रुपये प्रति किलो) तक पहुंच गया है। इसके अलावा इस पर 57% ट्रांसपोर्टेशन या कमीशन शुल्क अलग से लगता है जिससे इसकी लागत और बढ़ जाती है।
प्याज विक्रेताओं ने बताया कि डेढ़ महीने तक प्याज की यही स्थिति रहेगी
ऐसे में खुदरा विक्रेता को धोक बाजार में प्याज 65 से 70 रुपये प्रति किलो खरीदनी पद रही है, खुदरा बाजारों में इसके दाम 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं।
प्याज विक्रेताओं ने बताया कि दलालों का साफ कहना है कि आने वाले कम से कम डेढ़ महीने तक प्याज की यही स्थिति बनी रहेगी और कीमतें कम नहीं होंगी।
व्यापारियों का यह भी मानना है कि चूंकि अब दिवाली का त्योहार नजदीक आ रहा है, इसलिए मांग और सप्लाई के बीच के अंतर के कारण कीमतों में नरमी आने की संभावना फिलहाल दूर-दूर तक नहीं दिख रही है। जानकारों का कहना है कि पुरानी प्याज का स्टॉक कम होने और नई फसल आने में वक्त लगने के कारण यह तेजी बनी हुई है।
लहसुन और अदरक भी महंगे
लहसुन के तेवर भी प्याज की तरह ही कड़े बने हुए है। बाजार में लहसुन का चौक भाव 250 से 300 रुपये प्रति किलो चल रहा है, जबकि चिल्लर बाजार में वह 320 से 400 रुपये प्रति किलों के ऊंचे दामों पर बिक रहा है।
व्यापारियों का अनुमान है कि जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, लहसुन की मांग और बढ़ेगी और इसके भाव ऊंचे ही बने रहेंगे, अदरक के पुराने स्टॉक की स्थिति अब लगभग समाप्त हो चुकी है और बाजार में पुराने अदरक की कोई खास पूछपरख या वैल्यू नहीं बची है। बाजार में अब नया अदरक ही बिक रहा है जिसका भाव 80 से लेकर 100 रुपये प्रति किली के आसपास कल रहा है।


