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Dhanteras 2026: बिना मेकिंग चार्ज खरीदें सोना, ज्वेलरी के अलावा ये 5 विकल्प भी जान लें

Dhanteras 2026: बिना मेकिंग चार्ज खरीदें सोना, ज्वेलरी के अलावा ये 5 विकल्प भी जान लें

Dधनतेरस पर सोना और चांदी खरीदना भारत में शुभ माना जाता है। इस दिन कई परिवार परंपरा के तौर पर सोने के सिक्के, चांदी के बर्तन या ज्वेलरी खरीदते हैं। इस साल धनतेरस 6 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी।

त्योहार नजदीक आते ही सोना खरीदने की तैयारी भी शुरू हो गई है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि सोने में निवेश करने के लिए हर बार ज्वेलरी की दुकान जाना जरूरी नहीं है? अगर आपका मकसद सिर्फ निवेश करना है, तो ऐसे कई विकल्प मौजूद हैं, जिनमें गहनों की तरह मेकिंग चार्ज नहीं देना पड़ता। गोल्ड ETF, गोल्ड म्यूचुअल फंड और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) जैसे विकल्पों के जरिए भी सोने में पैसा लगाया जा सकता है।इन विकल्पों में सोने को घर पर रखने, लॉकर लेने या उसकी शुद्धता की चिंता करने की जरूरत भी नहीं होती। हालांकि, हर विकल्प के अपने फायदे, खर्च और जोखिम हैं। इसलिए धनतेरस पर निवेश करने से पहले इनके बीच का अंतर समझना जरूरी है।

फिजिकल गोल्ड: परंपरा और इस्तेमाल के लिए बेहतर

धनतेरस पर सोने के सिक्के, बार और ज्वेलरी खरीदना सबसे पुराना और लोकप्रिय तरीका है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि सोना आपके पास रहता है। आप इसे जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सकते हैं या परिवार की परंपरा के अनुसार अगली पीढ़ी को दे सकते हैं। हालांकि, फिजिकल गोल्ड खरीदते समय कुछ अतिरिक्त खर्च भी जुड़ते हैं। ज्वेलरी पर मेकिंग चार्ज देना पड़ता है। इसके अलावा खरीद पर लागू GST और बेचते समय मिलने वाली कीमत में अंतर आपके रिटर्न को प्रभावित कर सकता है।

सोने के सिक्के और बार खरीदने पर आमतौर पर ज्वेलरी जैसी मेकिंग लागत नहीं होती, लेकिन इनके साथ भी GST और खरीद-बिक्री के भाव का अंतर जुड़ा हो सकता है। सोने को सुरक्षित रखने के लिए घर में तिजोरी या बैंक लॉकर की जरूरत पड़ सकती है। अगर आप फिजिकल गोल्ड खरीद रहे हैं, तो हॉलमार्क और भरोसेमंद विक्रेता से खरीदारी को प्राथमिकता दें।

Gold ETF: बिना मेकिंग चार्ज सोने में निवेश का विकल्प

अगर आपका मकसद सोने को पहनना नहीं, बल्कि उसकी कीमत में होने वाली बढ़ोतरी से फायदा उठाना है, तो गोल्ड ETF एक विकल्प हो सकता है। गोल्ड ETF (Gold Exchange Traded Funds) ऐसे फंड होते हैं, जो सोने की कीमत को ट्रैक करते हैं। इन्हें शेयर बाजार में खरीदा और बेचा जा सकता है। इसके लिए आमतौर पर डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होती है। इसमें आपको सोने के सिक्के या ज्वेलरी घर में रखने की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही ज्वेलरी पर लगने वाला मेकिंग चार्ज भी नहीं देना होता। बाजार के कारोबारी समय में ETF यूनिट्स की खरीद-बिक्री की जा सकती है। हालांकि, गोल्ड ETF पूरी तरह मुफ्त निवेश नहीं है। इसमें एक्सपेंस रेशियो, ब्रोकरेज और अन्य लागू शुल्क हो सकते हैं। इसकी कीमत भी सोने के बाजार भाव के साथ घट-बढ़ सकती है।

Gold Mutual Fund: बिना डीमैट अकाउंट भी कर सकते हैं निवेश

जो लोग सीधे शेयर बाजार में निवेश नहीं करना चाहते, उनके लिए गोल्ड म्यूचुअल फंड एक विकल्प है। ये फंड आमतौर पर गोल्ड ETF में निवेश करते हैं और इनके जरिए निवेशक सोने की कीमत से जुड़ा रिटर्न पाने की कोशिश करते हैं। गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट की जरूरत नहीं होती। इन्हें म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म या एसेट मैनेजमेंट कंपनी के जरिए खरीदा जा सकता है। इसमें आप एकमुश्त रकम लगाने के साथ-साथ SIP के जरिए हर महीने छोटी रकम भी निवेश कर सकते हैं। इससे धीरे-धीरे सोने में निवेश बढ़ाने में मदद मिल सकती है। ध्यान रखें कि गोल्ड म्यूचुअल फंड में भी एक्सपेंस रेशियो और अन्य लागू शुल्क हो सकते हैं। निवेश से पहले फंड की लागत और उसके प्रदर्शन की जांच जरूर करें।

Digital Gold: छोटी रकम से भी खरीद सकते हैं सोना

डिजिटल गोल्ड के जरिए आप बहुत छोटी रकम से भी सोने में निवेश शुरू कर सकते हैं। कई पेमेंट ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म यह सुविधा देते हैं। आपके निवेश के बदले प्लेटफॉर्म के जरिए वॉल्ट में रखे फिजिकल गोल्ड का दावा किया जाता है। इसका फायदा यह है कि आपको सोना खरीदने के लिए बड़ी रकम जुटाने की जरूरत नहीं होती। आप अपनी सुविधा के अनुसार छोटी-छोटी रकम से निवेश कर सकते हैं। लेकिन, यहां एक अहम जोखिम समझना जरूरी है। डिजिटल गोल्ड को SEBI या RBI का नियमित निवेश उत्पाद नहीं माना जाता। इसलिए इसमें निवेश करने से पहले प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता, गोल्ड की कस्टडी, खरीद-बिक्री के अंतर और डिलीवरी की शर्तों को अच्छी तरह समझ लें। इसे गोल्ड ETF या SEBI-रेगुलेटेड म्यूचुअल फंड के बराबर नहीं मानना चाहिए।

EGR: एक्सचेंज पर सोने की खरीद-बिक्री

EGR (Electronic Gold Receipts) भी सोने में निवेश का एक विकल्प हैं। ये एक्सचेंज पर कारोबार करने वाले इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंट हैं, जिनके पीछे फिजिकल गोल्ड रखा जाता है। इन्हें SEBI के नियामकीय ढांचे के तहत कारोबार के लिए उपलब्ध कराया गया है। EGR के जरिए निवेशक एक्सचेंज पर सोने से जुड़ी यूनिट खरीद और बेच सकते हैं। तय नियमों और डिलीवरी शर्तों के मुताबिक इन्हें फिजिकल गोल्ड में बदलने का विकल्प भी हो सकता है। हालांकि, निवेश करने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपके एक्सचेंज और ब्रोकर के जरिए EGR में कारोबार की सुविधा उपलब्ध है या नहीं। इसकी लिक्विडिटी, ट्रेडिंग लागत और फिजिकल डिलीवरी की शर्तों को भी समझें।

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