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Delhi Metro Phase 4 Update: कब शुरू होगी गोल्डन लाइन और मजेंटा लाइन

Delhi Metro Phase 4 Update: कब शुरू होगी गोल्डन लाइन और मजेंटा लाइन

मेट्रो के फेज-4 के तहत निर्माणधीन नए कॉरिडोर का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण और ताजा अपडेट सामने आया है, जिसके मुताबिक डीएमआरसी (DMRC) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि गोल्डन लाइन और मजेंटा लाइन एक्सटेंशन का निर्माण कार्य अपने तय समय से थोड़ा पिछड़ गया है.

इस पूरी रिपोर्ट में सबसे पहले बात करते हैं गोल्डन लाइन यानी तुगलकाबाद से एरोसिटी कॉरिडोर की. डीएमआरसी की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार इस कॉरिडोर का अभी तक सिर्फ 79.54% काम ही पूरा हो पाया है, जिसका सीधा सा मतलब है कि करीब 20% काम अभी भी होना बाकी है. इस प्रोजेक्ट में मुख्य रूप से देरी आने की बड़ी वजहें कोरोना महामारी और खानपुर के पास जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) में हुई अड़चनें रहीं हैं.हालांकि, इस स्थिति के बीच यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर यह भी है कि इस कॉरिडोर पर तुगलकाबाद से संगम विहार तक का हिस्सा बनकर काफी हद तक तैयार किया जा चुका है और इस पर बहुत जल्द परिचालन यानी ऑपरेशंस शुरू हो सकता है. इसके बावजूद, बाकी के बचे हुए हिस्से को पूरी तरह पूरा होने में थोड़ा और वक्त लग सकता है और यात्रियों को इसके लिए अगले साल के अंत तक का इंतजार करना पड़ सकता है.

87.62% काम हो चुका है पूरा

अब बात करते हैं दूसरे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट यानी मजेंटा लाइन एक्सटेंशन की, जो जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम कॉरिडोर के रूप में तैयार हो रहा है. डीएमआरसी की स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 29.26 किलोमीटर लंबे इस बड़े कॉरिडोर का 87.62% काम सफलतापर्वूक पूरा किया जा चुका है. वैसे खास बात यह है कि इस कॉरिडोर के 11.734 किलोमीटर लंबे हिस्से पर मेट्रो का परिचालन पहले ही सफलतापूर्वक शुरू हो चुका है. वर्तमान में कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक और मजलिस पार्क से आरके आश्रम के बीच का काम युद्धस्तर पर और बहुत तेजी से चल रहा है. इसमें भी विशेष तौर पर कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक के बीच का हिस्सा अब लगभग पूरी तरह तैयार है और इसका काम अपने बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच चुका है.

गौरतलब है कि साल 2019 से 2020 के बीच शुरू हुए फेज-3 और फेज-4 के इन तमाम प्रोजेक्ट्स में से अभी तक केवल मजलिस पार्क-मौजपुर कॉरिडोर ही अपनी शुरुआती समय-सीमा के मुताबिक पूरी तरह पूरा हो पाया है, जबकि बाकी के बचे हुए अन्य कॉरिडोर के पूरा होने के लिए अब केवल अगला साल ही आखिरी उम्मीद बचा है.

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