रिलायंस के शेयरों में ऐतिहासिक उछाल, 11% तक चढ़ा, मार्केट कैप 17.57 लाख करोड़ के पार
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में आज ऐतिहासिक उछाल आया. कंपनी का शेयर आज 11.60 फीसदी चढकर 1300 रुपये पर बंद हुआ है. इस उछाल के साथ ही कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण अब 17.57 लाख करोड़ रुपये हो गया है.
दूसरी तिमाही के शानदार नतीजों के बाद आज रिलायंस शेयर पर निवेशक टूट पड़े और जमकर खरीदारी की.
रिलायंस का शेयर आज निफ्टी 50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाला स्टॉक रहा. रिलायंस के शेयरों में आई तेजी से पूरे शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला. सेंसेक्स आज 1,233 अंक की बढ़त के साथ 75,693 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 388 अंक चढ़कर 23,441 के स्तर पर बंद हुआ.
शानदार रहा दूसरी तिमाही का परिणाम
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया. कंपनी का रेवेन्यू, EBITDA और शुद्ध लाभ (Net Profit) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. इस दमदार नतीजे के पीछे कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट, डिजिटल सर्विसेज (जियो) और रिटेल ऑपरेशंस में आई मजबूत ग्रोथ की मुख्य भूमिका रही है.
कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार (YoY) पर 28 प्रतिशत की बढ़त के साथ रिकॉर्ड 3.62 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. वहीं, कंसोलिडेटेड EBITDA 24 प्रतिशत बढ़कर 62,409 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 34 प्रतिशत की छलांग लगाकर 29,550 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया.
रिलायंस पर ब्रोकरेज भी बुलिश
तिमाही नतीजों के बाद दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज गोल्डमैन सॉक्स और नोमुरा ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग को बरकरार रखा है. ब्रोकरेज का कहना है कि मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन और टेलीकॉम कारोबार की निरंतर ग्रोथ कंपनी को आगे बढ़ा रही है. हालांकि रिटेल सेगमेंट का प्रदर्शन उम्मीद के मुकाबले थोड़ा कमजोर आंका गया है.
गोल्डमैन सॉक्स ने रिलायंस स्टॉक के लिए 1,840 रुपये का टारगेट तय किया है. ब्रोकरेज का कहना है कि रिलायंस का दूसरी तिमाही का EBITDA उसके अनुमान से 9 फीसदी अधिक रहा है. ब्रोकरेज का मानना है कि दिसंबर तिमाही में रिफाइनिंग मार्जिन में कुछ नरमी आ सकती है, क्योंकि बहुत बड़े कच्चे तेल वाहक जहाजों (VLCC) की माल ढुलाई लागत बढ़ी है.
नोमुरा ने रिलायंस शेयर का टारगेट प्राइस1,560 रुपये दिया है. ब्रोकरेज का कहना है कि रिलायंस की रिकॉर्ड आय का बड़ा श्रेय कई दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंचे रिफाइनिंग क्रैक स्प्रेड (Refining Cracks) को जाता है. कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर 19 फीसदी बढ़ा, जो ब्रोकरेज के अनुमान से 9 फीसदी ज्यादा रहा.


