Tuesday, 13 October 2026 LATEST NEWS • BEYOND LIMITS
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जंतर-मंतर अब नहीं रहेगा प्रदर्शन का ठिकाना, दिल्ली में तय हुए तीन नए मैदान — रामलीला ग्राउंड भी शामिल

नई दिल्ली: राजधानी में दशकों से आंदोलन की आवाज का प्रतीक बने जंतर-मंतर को अब अधिकृत प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार (12 अक्टूबर 2026) को इसे डीनोटिफाई (Denotify) करने की घोषणा की। इसके साथ ही धरना-प्रदर्शन के लिए तीन नए मैदान चिह्नित किए गए हैं — रामलीला ग्राउंड, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड। यानी अब से दिल्ली में किसी भी जनआंदोलन के लिए इन्हीं तीन जगहों का इस्तेमाल हो सकेगा।

जंतर-मंतर को लिस्ट से हटाए जाने के पीछे की वजह पर आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, संसद और कई सरकारी दफ्तरों की नजदीकी को देखते हुए वहां सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर चुनौतियों की चर्चा लंबे समय से होती रही है।

जंतर-मंतर संसद से करीब 1.5 किलोमीटर की दूरी पर है, लेकिन नया विकल्प बुराड़ी ग्राउंड संसद से करीब 21 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी दूर प्रदर्शनकारियों की पहुंच और उनकी आवाज कैसे काम करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी जंतर-मंतर के विकल्प के तौर पर किसी दूसरी जगह की तलाश करने की जरूरत बताई थी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए ऐसा स्थान होना चाहिए जहां पर्याप्त जगह के साथ-साथ पानी, टॉयलेट और मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध हों। कोर्ट ने यह भी कहा था कि प्रदर्शनकारियों के अधिकार तथा आम लोगों की सुरक्षा, आवाजाही और आपात सेवाओं की जरूरतों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

जंतर-मंतर लंबे समय से उन लोगों की पहली पसंद रहा है जो अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते थे। 2012 के निर्भया कांड के बाद हुए प्रदर्शन, वन रैंक-वन पेंशन (OROP) आंदोलन, 2017 में तमिलनाडु के किसानों का प्रदर्शन और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ आंदोलन यहीं हुए। 2021 में किसान आंदोलन के दौरान यहां ‘किसान संसद’ का आयोजन भी किया गया था। 2023 में पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए यहां लंबा धरना दिया था।

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