Post Office की इस स्कीम में ₹30 लाख जमा करें, हर साल मिलेंगे ₹2.46 लाख!
नौकरी से मिलने वाली सैलरी बंद होने के बाद लोग ऐसी जगह पैसा लगाना चाहते हैं, जहां उनकी जमा पूंजी सुरक्षित रहे और उससे नियमित आमदनी भी होती रहे.
ऐसे लोगों के लिए पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) एक विकल्प है. इस योजना में तय शर्तों के साथ एकमुश्त निवेश करके हर तीन महीने में ब्याज लिया जा सकता है.
इस स्कीम में 8.2 फीसदी सालाना ब्याज दर के हिसाब से जॉइंट अकाउंट में 30 लाख रुपये जमा करने पर सालाना 2,46,000 रुपये का ब्याज बनता है. यानी हर तीन महीने में 61,500 रुपये मिल सकते हैं. हालांकि, यह गणना बताई गई ब्याज दर और अधिकतम निवेश के आधार पर है. योजना का लाभ लेने से पहले इसकी पात्रता और मौजूदा शर्तों को समझना जरूरी है.
SCSS पर मिल रहा 8.2 फीसदी ब्याज
पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम खास तौर पर रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी पाने के लिए बनाई गई है. इसमें निवेश पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज दर बताई गई है. इस दर पर मिलने वाला ब्याज निवेशकों को हर तीन महीने में दिया जा सकता है.
इस योजना की एक खास बात यह है कि खाता खोलते समय लागू ब्याज दर पूरे पांच साल की अवधि के लिए लागू रहती है. इसके बाद सरकार ब्याज दरों में बदलाव करती है, तो पहले से खोले गए खाते पर इसका असर नहीं पड़ता. इससे निवेशक अपनी नियमित आमदनी का हिसाब पहले से लगा सकते हैं.
एक खाते में 15 लाख, जॉइंट अकाउंट में 30 लाख रुपये जमा करने की सुविधा
पोस्ट ऑफिस SCSS में निवेश की शुरुआत 1,000 रुपये से की जा सकती है. इसमें एक व्यक्ति के नाम पर खाता खोलने पर अधिकतम 15 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं. वहीं, जॉइंट अकाउंट के जरिए अधिकतम 30 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश किया जा सकता है.
इस स्कीम में निवेश करने के लिए नजदीकी पोस्ट ऑफिस में जाकर खाता खुलवाया जा सकता है. निवेश की रकम और खाते के प्रकार के आधार पर मिलने वाले ब्याज की राशि अलग-अलग होगी.
60 साल की उम्र में खुलवा सकते हैं खाता
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम मुख्य रूप से 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए है. पात्र व्यक्ति अपने पति या पत्नी के साथ जॉइंट अकाउंट भी खुलवा सकते हैं. कुछ मामलों में उम्र की सीमा में छूट भी दी गई है. स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS लेने वाले व्यक्ति 55 साल से अधिक और 60 साल से कम उम्र में इस योजना में निवेश कर सकते हैं. वहीं, रक्षा सेवाओं से रिटायर हुए कर्मचारी 50 साल से अधिक और 60 साल से कम उम्र में खाता खुलवा सकते हैं. इन मामलों में योजना के लागू नियमों और शर्तों को पूरा करना जरूरी है.
इस योजना की मैच्योरिटी अवधि पांच साल है. यानी खाता खोलने के बाद निवेश की मूल अवधि पांच साल की होती है. अवधि पूरी होने पर निवेशक अपनी जमा की गई रकम निकाल सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति मैच्योरिटी से पहले खाता बंद कराता है, तो लागू नियमों के अनुसार उसे पेनल्टी देनी पड़ सकती है. इसलिए निवेश करने से पहले यह तय करना जरूरी है कि अगले पांच साल तक इस रकम की जरूरत तो नहीं पड़ेगी.
पोस्ट ऑफिस SCSS में निवेश करने वालों को आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार टैक्स छूट का लाभ मिल सकता है. इसके तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक के पात्र निवेश पर टैक्स कटौती का दावा किया जा सकता है. हालांकि, टैक्स छूट का वास्तविक लाभ निवेशक की पात्रता और लागू आयकर नियमों पर निर्भर करता है. निवेश करने से पहले अपनी टैक्स व्यवस्था के हिसाब से इसकी जानकारी लेना जरूरी है.
30 लाख रुपये जमा करने पर कैसे होगी 2.46 लाख रुपये की कमाई?
इस स्कीम में मिलने वाले ब्याज को समझने के लिए 30 लाख रुपये के अधिकतम जॉइंट अकाउंट निवेश का उदाहरण लेते हैं. अगर खाते पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज दर लागू है, तो गणना इस तरह होगी.
कुल निवेश: ₹30,00,000
सालाना ब्याज दर: 8.2%
सालाना ब्याज: ₹2,46,000
हर तीन महीने में ब्याज: ₹61,500


