कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने पीएफ खाते से एडवांस निकालने के नियमों में किया बदलाव
EPFO ने पीएफ खाते से एडवांस निकालने के नियमों को आसान बनाने के लिए अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं।
बीमारी, बच्चों की पढ़ाई, शादी और मकान खरीदने जैसे खर्चों के लिए कर्मचारी अपने पीएफ खाते से पैसा निकाल (Advance PF withdrawal) सकते हैं। नियमों के मुताबिक, कुछ जरूरतों के लिए निकासी की संख्या पर कोई सीमा नहीं है, जबकि अन्य मामलों में तय लिमिट लागू नौकरी करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए पीएफ की रकम मुश्किल वक्त में बड़ा सहारा बनती है।
ऐसे में EPFO की ओर से जारी गाइडलाइन में कई जरूरी जरूरतों को अलग-अलग कैटेगरी में बांटकर निकासी की अधिकतम संख्या बताई गई है।बीमारी के लिए कितनी बार निकाल सकते हैं पैसा?EPFO की गाइडलाइन के मुताबिक, बीमारी में इलाज के लिए कर्मचारी खुद या अपने परिवार के सदस्यों की जरूरत को देखते हुए पीएफ एडवांस (PF Advance) ले सकते हैं।
इस श्रेणी में एडवांस निकालने की संख्या पर कोई सीमा नहीं बताई गई है। यानी जरूरत पड़ने पर कर्मचारी इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं।शादी के लिए तय है लिमिटबच्चों की शिक्षा के लिए पीएफ एडवांस निकालने की सुविधा भी दी गई है।
हालांकि, इस कैटेगरी में पूरी सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 10 बार एडवांस लिया जा सकता है। वहीं शादी के खर्च के लिए कर्मचारी खुद या परिवार के सदस्यों की शादी के उद्देश्य से पीएफ एडवांस ले सकते हैं।
इस श्रेणी में सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 5 बार निकासी की अनुमति दी गई हैं।मकान खरीदने से लेकर मरम्मत तकआवास से जुड़ी जरूरतों को भी अलग श्रेणी में रखा है।
इसके तहत कर्मचारी चार तरह के कामों के लिए एडवांस ले सकते हैं: मकान, फ्लैट या प्लॉट खरीदना। नया मकान बनवाना। होम लोन का भुगतान करना। मकान का नवीनीकरण, बदलाव या मरम्मत कराना।
इन सभी आवास संबंधी जरूरतों को मिलाकर सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 5 बार एडवांस लेने की सीमा बताई गई है।
हालांकि, हर निकासी के लिए संबंधित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।
गाइडलाइन में विशेष परिस्थितियों के लिए भी अलग प्रावधान है। केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) या EPFO की ओर से अधिसूचित विशेष परिस्थितियों में एक वित्तीय वर्ष के दौरान अधिकतम 2 बार एडवांस लेने की अनुमति बताई गई है।
EPF सदस्यता के 12 महीने पूरे होने के बाद कर्मचारी और नियोक्ता के अंशदान तथा उस पर अर्जित ब्याज सहित कुल पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75% तक एडवांस निकाला जा सकता है।
हालांकि, 75% निकासी की सीमा का मतलब यह नहीं है कि हर परिस्थिति में कर्मचारी को इतनी रकम मिल ही जाएगी। वास्तविक राशि संबंधित उद्देश्य, लागू नियमों और पात्रता पर निर्भर करेगी।


