Wednesday, 14 October 2026 LATEST NEWS • BEYOND LIMITS
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UPI MDR चार्ज पर बड़ा अपडेट, दिवाली के बाद लागू होगा नया नियम

सरकार ने मंगलवार को UPI के जरिये 2,000 रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की प्रक्रिया टाल दी है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बताया कि यह शुल्क दिवाली के बाद लागू होगा। संशोधित तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है। इससे पहले MDR लागू करने की समयसीमा 15 अक्टूबर थी। UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमिटी ने फैसला किया है कि दशहरा, दीपावली और छठ जैसे त्योहारों की वजह से पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा। 

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यह एलान किया है। UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने कुछ पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला किया है। यह दिवाली के तुरंत बाद लागू होगा। कमेटी ने यह फैसला त्योहारी सीजन को ध्यान में रखकर लिया है।

क्या यह फैसला पहले ही टलने वाला था?

इस बदलाव में देरी की संभावना पहले ही जताई जा रही थी। कई मीडिया रिपोर्ट में पहले दावा किया गया था कि सरकार रोलआउट को कुछ महीने टालने पर विचार कर रही है। यह जनवरी 2027 तक भी जा सकता था। 15 अक्टूबर की समयसीमा के भीतर ही यह फैसला होने वाला था। अक्टूबर से दिसंबर तक चलने वाले त्योहारी सीजन में आम तौर पर उपभोक्ताओं का खर्च काफी बढ़ जाता है।

क्यों टला है यह फैसला?

त्योहारी मौसम में ट्रांजेक्शन ज्यादा होता है। व्यापारी खुद पर आर्थिक बोझ का हवाला देकर विरोध कर रहे थे। पेमेंट कंपनियों को नया सिस्टम तैयार करने का ज्यादा वक्त मिलने की उम्मीद थी। निवेशक इस फीस को पेमेंट कंपनियों की कमाई का संभावित जरिया मान रहे थे। इन कंपनियों को इसकी आमदनी का हिस्सा मिलने की उम्मीद थी।

MDR क्या होता है?

NPCI क्या है और यह क्या काम करती है?

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) देश में खुदरा डिजिटल भुगतान और सेटलमेंट से जुड़ी व्यवस्थाओं का संचालन करती है। इसकी स्थापना भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय बैंक संघ (IBA) की पहल पर हुई थी। UPI सहित इसके कई भुगतान सिस्टम ने भारत में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दिया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान हासिल की है।

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