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India Forex Reserve: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 5 अरब डॉलर से ज्यादा की गिरावट, जानें कितना रह गया रिजर्व

India Forex Reserve: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 5 अरब डॉलर से ज्यादा की गिरावट, जानें कितना रह गया रिजर्व

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर बड़ी कमी दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.011 अरब डॉलर घटकर 721.016 अरब डॉलर पर आ गया। इससे पहले वाले सप्ताह में भी इसमें 8.578 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज हुई थी, जिसके बाद कुल भंडार 726.027 अरब डॉलर रह गया था।

लगातार दो सप्ताह की गिरावट के बाद अब विदेशी मुद्रा भंडार में होने वाले बदलाव और रुपये को स्थिर रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर ध्यान दिया जा रहा है।

रिकॉर्ड स्तर से नीचे आया विदेशी मुद्रा भंडार

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 4 सितंबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 785.706 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद इसमें गिरावट का रुख देखने को मिला।

रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी मुद्रा जमा योजना के माध्यम से बैंकों ने बड़ी मात्रा में डॉलर जुटाए थे। बाद के दिनों में भंडार में आई कमी के संभावित कारणों में इस योजना से जुड़े संसाधनों का इस्तेमाल और रुपये को सहारा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से डॉलर की बिक्री शामिल बताई गई है।

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में सबसे ज्यादा कमी

16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 5.758 अरब डॉलर घटकर 591.847 अरब डॉलर रह गईं। विदेशी मुद्रा भंडार का यह प्रमुख हिस्सा है।

इन परिसंपत्तियों के डॉलर मूल्य पर केवल विदेशी मुद्रा लेनदेन का ही नहीं, बल्कि यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन जैसी अन्य मुद्राओं की विनिमय दरों में बदलाव का भी असर पड़ता है।

सोने के भंडार में बढ़ोतरी

कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट के बीच भारत के स्वर्ण भंडार के मूल्य में वृद्धि दर्ज की गई। संबंधित सप्ताह में इसका मूल्य 706 मिलियन डॉलर बढ़कर 105.8 अरब डॉलर हो गया।

वहीं, विशेष आहरण अधिकार (SDR) में 30 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 18.578 अरब डॉलर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास भारत की आरक्षित स्थिति भी 11 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.791 अरब डॉलर हो गई।

विदेशी मुद्रा भंडार क्यों महत्वपूर्ण है?

विदेशी मुद्रा भंडार किसी देश की बाहरी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने और अंतरराष्ट्रीय भुगतान करने की क्षमता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करके रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को कम करने की कोशिश कर सकता है।

हालांकि, किसी एक सप्ताह में भंडार में आई गिरावट को अपने आप में आर्थिक संकट का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। इसके कारणों और प्रभावों को समझने के लिए विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों, सोने के भंडार, विनिमय दरों और अन्य आर्थिक संकेतकों को साथ में देखना जरूरी है।

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