उत्तर प्रदेश

UP News: योगी सरकार में अधिकारियों की तैनाती और प्रमोशन में प्रदर्शन को मिलेगी अहमियत

UP News: योगी सरकार में अधिकारियों की तैनाती और प्रमोशन में प्रदर्शन को मिलेगी अहमियत

उत्तर प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए योगी आदित्यनाथ ने योग्यता के अनुसार जिम्मेदारी सौंपने और कामकाज के मूल्यांकन पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों का प्रदर्शन उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) और पदोन्नति से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य सही व्यक्ति को उसकी क्षमता के अनुरूप पद पर नियुक्त करना और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

शुक्रवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में मिशन कर्मयोगी की ‘साधना सीरीज’ के तहत आयोजित क्षेत्रीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने ये बातें कहीं। इस कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी और क्षमता निर्माण आयोग की ओर से किया गया। कार्यशाला में आठ राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

नागरिकों की संतुष्टि को बताया प्रशासन की असली कसौटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन इस बात से होना चाहिए कि आम नागरिकों को कितनी आसानी से और समय पर सुविधाएं मिल रही हैं। लोगों को एक काम के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने, शिकायतों का तय समय में निपटारा करने और अधिकारियों को जवाबदेह बनाने की जरूरत है।

उन्होंने प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख पहल का उल्लेख किया। इनमें उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करना, पंचायतों और शहरी निकायों के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना तथा सही व्यक्ति को सही जिम्मेदारी देने की व्यवस्था को मजबूत करना शामिल है।

ACR और प्रमोशन से जुड़ेगा कामकाज

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन, उपलब्धियों और सफल कार्यों को उनके मूल्यांकन में शामिल किया जाना चाहिए। इसी आधार पर जिम्मेदारियों का निर्धारण और पदोन्नति की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनाई जा सकती है।

उन्होंने प्रशासनिक कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीक के बढ़ते महत्व पर भी बात की। मुख्यमंत्री के अनुसार, तकनीक सरकारी प्रक्रियाओं को तेज कर सकती है, लेकिन जनता के प्रति संवेदनशीलता और सेवा की भावना भी उतनी ही जरूरी है।

प्रशिक्षण का असर जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 19.26 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं और इस माध्यम से करीब चार करोड़ प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 334 से अधिक प्रशिक्षण संस्थानों को उन्नति पोर्टल से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की सफलता केवल पाठ्यक्रमों की संख्या से तय नहीं होनी चाहिए। इसका वास्तविक परिणाम अधिकारियों के निर्णयों, सरकारी प्रक्रियाओं की सरलता और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में दिखाई देना चाहिए।

गोरखपुर की सड़क का उदाहरण देकर समझाया महत्व

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में सड़क चौड़ीकरण से जुड़ा एक उदाहरण देते हुए बताया कि सड़क को दो लेन से चार लेन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्माण के दौरान सड़क का स्तर करीब तीन मीटर ऊंचा कर दिया गया। इससे स्थानीय लोगों के घरों तक पहुंचने में परेशानी पैदा हुई। बाद में उन्होंने मौके पर जाकर सुधार के निर्देश दिए।

इस उदाहरण के जरिए उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल शैक्षणिक डिग्री या नियुक्ति प्राप्त कर लेना किसी अधिकारी की कार्यक्षमता का प्रमाण नहीं है। प्रशासनिक निर्णय लेते समय स्थानीय परिस्थितियों और आम लोगों की जरूरतों को समझना भी आवश्यक है।

सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश में हुए विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, बजट और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उनके मुताबिक, देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश में है और राज्य के सात शहरों में मेट्रो सेवाएं उपलब्ध हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि 65 लाख गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं और तीन करोड़ से अधिक परिवारों को शौचालय की सुविधा मिली है। मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में वृद्धि, गन्ना किसानों को भुगतान और बिजली की उपलब्धता से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया।

योगी आदित्यनाथ ने इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण का उदाहरण देते हुए कहा कि विभागों के बीच बेहतर तालमेल और प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। उन्होंने इन उपलब्धियों को प्रभावी शासन और समन्वित प्रयासों से जोड़कर प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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