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Maharashtra FDA की बड़ी कार्रवाई: 29 लाइसेंस रद्द, 71 निलंबित; लाखों की दवाएं जब्त

Maharashtra FDA की बड़ी कार्रवाई: 29 लाइसेंस रद्द, 71 निलंबित; लाखों की दवाएं जब्त

मुंबई: महाराष्ट्र में दवाओं और कॉस्मेटिक उत्पादों से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सख्ती दिखाई है। राज्यभर में दो सप्ताह तक चलाए गए विशेष जांच अभियान में 937 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान मिली अनियमितताओं के आधार पर 29 लाइसेंस रद्द और 71 लाइसेंस निलंबित किए गए।

अभियान के दौरान बिना वैध लाइसेंस दवाओं और कॉस्मेटिक्स के निर्माण या बिक्री तथा साइकोट्रोपिक दवाओं के कथित अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में कुल 28.52 लाख रुपये से अधिक की सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।

937 प्रतिष्ठानों की जांच, 450 नोटिस जारी

महाराष्ट्र FDA के अनुसार, निरीक्षण के दौरान अलग-अलग प्रकार के नियम उल्लंघन सामने आए। प्रशासन ने संबंधित प्रतिष्ठानों को कुल 450 नोटिस जारी किए, जिनमें 382 नोटिस दवा विक्रेताओं को दिए गए।

अभियान में मेडिकल स्टोर के अलावा दवा और कॉस्मेटिक्स बनाने वाली इकाइयों, मेडिकल डिवाइस निर्माताओं, ब्लड बैंकों, ब्लड स्टोरेज सेंटरों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं की भी जांच की गई। इन श्रेणियों में कुल 105 निरीक्षण हुए। पहले सप्ताह में 31 और दूसरे सप्ताह में 74 निरीक्षण किए गए।

नागपुर में 22 लाख रुपये से अधिक की दवाएं जब्त

FDA की कार्रवाई में नागपुर के भारतमाता चौक स्थित फीनिक्स मेडिकॉर्प का मामला भी सामने आया। विभाग के मुताबिक, प्रतिष्ठान ने अपना लाइसेंस सरेंडर कर दिया था, लेकिन वहां एलोपैथिक दवाओं का स्टॉक मिला।

अधिकारियों ने मौके से करीब 22.03 लाख रुपये की दवाएं जब्त कीं। यह जब्त की गई कुल सामग्री का बड़ा हिस्सा बताया गया है।

बारामती में बिना लाइसेंस साबुन बनाने का मामला

पुणे जिले के बारामती में FDA ने वेदास हर्बल्स महिला गृह उद्योग में बिना आवश्यक लाइसेंस कॉस्मेटिक उत्पाद बनाने का मामला पकड़ा। यहां साबुन का निर्माण किया जा रहा था। संबंधित नियमों के अनुसार, कॉस्मेटिक्स का निर्माण निर्धारित लाइसेंस और मानकों के तहत किया जाना जरूरी है।

छत्रपति संभाजीनगर में नाइट्राजेपाम की कथित अवैध बिक्री

छत्रपति संभाजीनगर में नाइट्राजेपाम की 34 गोलियों की कथित अवैध खरीद-बिक्री का मामला सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, दवा को ‘नाइट्रोसन 10’ नाम से बताया गया है। इस मामले में दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया।

FDA के बयान के मुताबिक, मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। साइकोट्रोपिक दवाओं की बिक्री और आपूर्ति पर नियमों के तहत नियंत्रण रखा जाता है।

149 नमूने एकत्र, 279 नमूनों की जांच पूरी

विशेष अभियान के दौरान FDA ने प्रयोगशाला जांच के लिए 149 नमूने एकत्र किए। इनमें 115 एलोपैथिक दवाएं, 14 आयुर्वेदिक दवाएं, 17 कॉस्मेटिक उत्पाद और 3 होम्योपैथिक दवाएं शामिल थीं।

विभाग की मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर स्थित तीन प्रयोगशालाओं ने इस दौरान कुल 279 नमूनों की जांच पूरी की। जांच के परिणाम इस प्रकार रहे:

  • 258 नमूने: निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरे।
  • 18 नमूने: मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाए गए।
  • 2 नमूने: गलत ब्रांडिंग वाले पाए गए।
  • 1 नमूना: नकली दवा की श्रेणी में पाया गया।

इस प्रकार, कुल 21 नमूने जांच में असफल रहे। ध्यान देने वाली बात है कि 149 नमूने अभियान के दौरान एकत्र किए गए थे, जबकि 279 नमूनों की जांच पूरी होने की जानकारी दी गई है।

गुणवत्ता में खामी मिलने पर आगे की कार्रवाई

FDA के मुताबिक, जांच में गुणवत्ता संबंधी कमियां मिलने के बाद संबंधित मामलों में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की गई। पांच मामलों में दवाओं को बाजार से वापस मंगाने यानी रिकॉल करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य दवाओं और कॉस्मेटिक उत्पादों के निर्माण तथा बिक्री में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को मजबूत करना है।

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