Sunday, 18 October 2026 LATEST NEWS • BEYOND LIMITS
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पीएम किसान सम्मान निधि योजना का पैसा खाते में नहीं आया तो इन आसान तरीकों से पता लगाएं कहां अटका

Pm किसान सम्मान निधि की किस्त जारी होने के बाद भी अगर पैसा खाते में न आए, तो घबराहट होना स्वाभाविक है। लेकिन ज्यादातर मामलों में वजह कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं, बल्कि छोटी-छोटी गलतियां होती हैं, जिन्हें सुधारा जा सकता है।

(pm kisan installment not received action hindi) यहां जानते हैं कि पैसा कहां अटक सकता है और उसे छुड़ाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए।

सबसे पहला कदम है खुद स्टेटस जांचना। पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर ‘अपना स्टेटस जानें’ विकल्प से आधार नंबर या मोबाइल नंबर डालकर देखा जा सकता है कि आपकी किस्त की क्या स्थिति है – पैसा भेजा गया, अटका है, या कोई कमी दर्ज है। 24वीं किस्त अभी अपेक्षित है, उसकी कोई तारीख घोषित नहीं हुई है, इसलिए किसी भी तारीख के दावे पर भरोसा न करें। स्टेटस में ही अक्सर वजह लिखी होती है, जिससे आगे का रास्ता साफ हो जाता है।

सबसे पहले स्टेटस खुद जांच लें

स्टेटस जांचने के लिए पीएम किसान पोर्टल या मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें। वहां ई-केवाईसी की स्थिति, आधार-बैंक लिंकिंग और भूमि रिकॉर्ड सीडिंग – तीनों की जानकारी दिखती है। अगर तीनों में ‘हां’ है और फिर भी पैसा नहीं आया, तो शिकायत का रास्ता अपनाएं। पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा है, जिसमें ट्रैकिंग नंबर मिलता है।

इसके अलावा किसान ई-मित्र चैटबॉट से भी शुरुआती जानकारी ली जा सकती है। स्टेटस जांचते समय अपना आधार नंबर और बैंक खाता विवरण पास रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

ये गलतियां पैसा अटका देती हैं

सबसे आम वजह है ई-केवाईसी का अधूरा होना – ये सभी लाभार्थियों के लिए अनिवार्य है, और इसके बिना किस्त नहीं आती। दूसरी बड़ी वजह है आधार का बैंक खाते से न जुड़ा होना। पैसा उसी खाते में जाता है जो आधार से एनपीसीआई मैपर के जरिए जुड़ा है; अगर आपने नया खाता खोला है लेकिन आधार उसी से नहीं जुड़ा, तो पैसा पुराने खाते में जा सकता है या अटक सकता है। तीसरी वजह है भूमि रिकॉर्ड का पोर्टल पर दर्ज न होना। चौथी – नाम या विवरण में अंतर, जैसे आधार और बैंक रिकॉर्ड में नाम का मेल न खाना। पांचवीं – खाते का निष्क्रिय या बंद हो जाना। इनमें से कोई भी एक कमी हो, तो ₹2,000 की किस्त रुक सकती है।

सुधार का रास्ता

गलती पता चल जाए तो सुधार भी आसान है। ई-केवाईसी पोर्टल, ऐप या नजदीकी सीएससी केंद्र से पूरी की जा सकती है। आधार-बैंक लिंकिंग के लिए अपने बैंक शाखा में जाकर एनपीसीआई मैपर में खाता जुड़वाएं। भूमि रिकॉर्ड की समस्या के लिए पटवारी या कृषि विभाग से संपर्क करें। अगर सब कुछ सही होने के बाद भी पैसा न आए, तो टोल-फ्री हेल्पलाइन 155261 पर संपर्क करें – ये नंबर कई स्रोतों से सत्यापित है। इसके अलावा 1800-115-526 भी उपलब्ध है। ऑनलाइन शिकायत का ट्रैकिंग नंबर संभालकर रखें, ताकि फॉलो-अप में काम आए।

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