CRPF में 30 साल बाद लौटेंगे लांस नायक और नायक पद, अग्निवीरों के समायोजन के लिए रैंक बहाली पर विचार
सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) पदोन्नति में देरी की समस्या को हल करने और सेना से सेवानिवृत्त होने वाले ‘अग्निवीरों’ को समायोजित करने के लिए 30 साल पहले समाप्त किए गए लांस नायक और नायक के सैन्य रैंक को बहाल करने पर विचार कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ मुख्यालय ने बल की क्षेत्रीय इकाइयों को दो दिन के भीतर संबंधित पक्षों के साथ बैठकें आयोजित करने और इस संबंध में जवानों के विचार जानने को कहा है। लांस नायक और नायक के रैंक 1997 में समाप्त कर दिए गए थे और इन्हें पुलिस के कांस्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल रैंक में मिला दिया गया था।
पदानुक्रम के अनुसार, बल में कॉन्स्टेबल के रूप में भर्ती होने वाले जवान को पांच साल में पहली पदोन्नति लांस नायक के पद पर मिलती है। इसके बाद 10 साल में नायक और फिर 20 साल में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर पदोन्नति मिलती है। फिलहाल करीब 3.25 लाख कर्मियों वाले सीआरपीएफ में इन रैंक पर पदोन्नति में काफी लंबा समय लग रहा है। एक कॉन्स्टेबल को औसतन 22 से 25 साल में पहली पदोन्नति मिलती है।
एक ही रैंक पर लंबे समय तक बने रहने के कारण जवानों में रोष
एक ही रैंक पर लंबे समय तक बने रहने के कारण जवानों में रोष है। अधिकारियों ने कहा कि लांस नायक और नायक के रैंक दोबारा शुरू करने का उद्देश्य कॉन्स्टेबल को हेड कॉन्स्टेबल बनने से पहले पदोन्नति के दो अतिरिक्त अवसर देना है।
इससे न केवल उनकी शिकायतों को दूर करने में मदद मिलेगी, बल्कि उनका मनोबल भी बढ़ेगा।


