SIR विवाद: अमित शाह ने राहुल गांधी को दी नसीहत, बोले- चुनाव जीतना है तो जनता के बीच रहिए
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी दलों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए राजनीतिक दलों को जनता के बीच रहकर उनके दुख-दर्द को समझना और समस्याओं का समाधान करना चाहिए। शाह ने चेतावनी देते हुए कहा कि केवल धरना-प्रदर्शन और आरोपों के जरिए जनता के जनादेश को चुनौती नहीं दी जा सकती।
‘चुनाव जीतना है तो लोगों के बीच रहिए’
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि राजनीतिक दलों को चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच रहना चाहिए और उनकी समस्याओं को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन करने के बजाय लोगों की परेशानियों और अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए काम करना चाहिए।
शाह ने विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वह इसी तरह नकारात्मक राजनीति करता रहा, तो उसके पास जो जनसमर्थन बचा है, वह भी खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर काम करना ही चुनाव जीतने का रास्ता है।
वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस को घेरा
गृह मंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर चुनाव में हार के बाद ईवीएम, मतदाता सूची और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष वोट चोरी का मुद्दा उठाकर घुसपैठियों के वोट बचाना चाहता है। यह अमित शाह का आरोप है; विपक्ष की ओर से इस मुद्दे पर उठाए गए सवालों और उनके जवाबों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को कई राज्यों में लंबे समय से चुनावी समर्थन मिल रहा है और कांग्रेस को अपनी चुनावी स्थिति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की सरकारों और चुनावी प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी को अपनी हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए।
चुनाव आयोग और ईवीएम पर दोहरे मानदंड का आरोप
अमित शाह ने विपक्ष पर चुनाव आयोग, मतदाता सूची और ईवीएम को लेकर अलग-अलग मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां विपक्ष चुनाव जीतता है, वहां चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन हारने पर आयोग और मतदाता सूची की आलोचना की जाती है।
उन्होंने अदालतों के फैसलों को लेकर भी विपक्ष पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि प्रदर्शन करके जनता के जनादेश को खारिज नहीं किया जा सकता।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मतदाता सूची की समीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया है। इसे लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं और चुनाव आयोग के कामकाज पर विरोध जताया है। वहीं, अमित शाह ने अपने संबोधन में विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बताते हुए उसकी आलोचना की।
SIR को लेकर उठे सवालों और सरकार तथा विपक्ष के दावों के बीच मतदाता सूची की शुद्धता, पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने और अपात्र नामों की जांच जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं।


