Today gold silver price: सोने-चांदी के भाव में उछाल, कमजोर डॉलर और यील्ड घटने का असर
अगर आप सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। आज 16 अक्तूबर को दोनों धातुओं की कीमतों में तेजी नजर आ रही है।
bullions.co.in के अनुसार सुबह करीब 8 बजे 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने की कीमत 147,810 रुपये हो गई है।दूसरी तरफ चांदी भी बढ़कर 211,290 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। सोने की कीमत बढ़ने के मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज में गिरावट आना था।
आज COMEX बाजार में सोने की कीमत 0.10 फीसदी बढ़कर 4,174.10 डॉलर प्रति औंस हो गई। वहीं, चांदी की कीमत 0.34 फीसदी बढ़कर 57.35 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई।
आपके शहर में सोने की कीमतयहां देश के 6 बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने के दाम दिए गए हैं।
दिल्ली: ₹147,280 प्रति 10 ग्राम
मुंबई: ₹147,540 प्रति 10 ग्राम
कोलकाता: ₹147,340 प्रति 10 ग्राम
चेन्नई: ₹147,970 प्रति 10 ग्राम
बेंगलुरु: ₹147,660 प्रति 10 ग्राम
हैदराबाद: ₹147,770 प्रति 10 ग्रामअलग-अलग शहरों में चांदी की कीमतप्रमुख मेट्रो शहरों में 999 फाइन सिल्वर की कीमतें यहां दी गई है।दिल्ली: ₹210,540 प्रति किलोग्राम
मुंबई: ₹210,900 प्रति किलोग्राम
कोलकाता: ₹210,620 प्रति किलोग्राम
चेन्नई: ₹211,520 प्रति किलोग्राम
बेंगलुरु: ₹211,070 प्रति किलोग्राम
हैदराबाद: ₹211,240 प्रति किलोग्रामक्या है
सोने-चांदी में उछाल की वजह?अमेरिकी डॉलर में 0.5% की गिरावट आई, जबकि 10 साल के अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज तीन सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। आमतौर पर जब डॉलर कमजोर होता है और बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज घटता है, तो सोने की कीमत को सहारा मिलता है। इसकी वजह यह है कि सोना अपने आप कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए ब्याज दरें कम होने पर सोने में निवेश करना अपेक्षाकृत आकर्षक हो जाता है।अमेरिका में सितंबर महीने के दौरान थोक कीमतों यानी प्रोड्यूसर प्राइस में पिछले साढ़े चार साल की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वस्तुओं और सेवाओं की लागत बढ़ने के कारण महंगाई का दबाव बढ़ा है। सितंबर में उपभोक्ता महंगाई बढ़ी है। पेट्रोल की कीमतों में तेजी इसका एक बड़ा कारण रही।महंगाई बढ़ने से बाजार में यह आशंका बढ़ गई थी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इसी महीने ब्याज दरें बढ़ा सकता है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सैन फ्रांसिस्को फेड की अध्यक्ष मैरी डेली और फेड के वाइस चेयर मिशेल बोमन ने संकेत दिया कि ब्याज दरें तुरंत बढ़ाना जरूरी नहीं भी हो सकता है।
इससे बाजार में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कुछ कम हुई।बाजार के अनुमान के मुताबिक, इस महीने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना लगभग 29% रह गई है।
निवेशक फेड चेयर केविन वॉर्श के भाषण पर भी नजर रख रहे हैं, क्योंकि उनके बयान से आने वाली मौद्रिक नीति के बारे में संकेत मिल सकते हैं।


