EPFO का नया नियम: ₹20,000 कमाने वालों का कितना कटेगा PF? ₹25,000 हुई वेतन सीमा
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वेतन सीमा बढ़ने के बाद EPF और EPS की सदस्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। अगर आपकी मासिक सैलरी ₹20,000 है और आप अभी केवल EPF के सदस्य हैं, EPS के नहीं, तो नई वेतन सीमा लागू होने के बाद आपको EPS का सदस्य बनना होगा।
इस बदलाव के साथ आपके PF योगदान और नियोक्ता की ओर से जमा होने वाली राशि का बंटवारा भी बदल जाएगा।
₹20,000 की सैलरी पर कितना कटेगा PF?
EPFO के FAQ के अनुसार, वेतन सीमा (Wage Ceiling) बढ़कर ₹25,000 होने के बाद ₹20,000 की EPF वेतन राशि वाले कर्मचारी को कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) का सदस्य बनना होगा। अक्टूबर 2026 के वेतन महीने से लागू उदाहरण के मुताबिक, कर्मचारी और नियोक्ता के योगदान का गणित इस प्रकार है:
| योगदान का प्रकार | दर | राशि |
| कर्मचारी का EPF योगदान | 12% | ₹2,400 |
| कंपनी का EPS योगदान | 8.33% | ₹1,666 |
| कंपनी का EPF योगदान | 3.67% | ₹734 |
| कुल योगदान (कर्मचारी + नियोक्ता) | 24% | ₹4,800 |
कर्मचारी की सैलरी से कटेंगे ₹2,400
अगर आपकी EPF वेतन राशि ₹20,000 है, तो कर्मचारी के तौर पर आपको इसका 12% EPF में योगदान देना होगा। इस हिसाब से हर महीने आपकी सैलरी से ₹2,400 कटकर EPF खाते में जमा होंगे।
ध्यान देने वाली बात यह है कि कर्मचारी के योगदान की दर 12% ही रहेगी। वेतन सीमा बढ़ने के बावजूद कर्मचारी के योगदान की दर में बदलाव नहीं किया गया है।
नियोक्ता के ₹2,400 का होगा बंटवारा
नियोक्ता यानी कंपनी भी आपकी EPF वेतन राशि का 12% योगदान करेगी। हालांकि, कंपनी की ओर से जमा की जाने वाली पूरी राशि EPF खाते में नहीं जाएगी। इसका एक हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में और बाकी हिस्सा EPF खाते में जमा होगा।
₹20,000 की EPF वेतन राशि के उदाहरण में कंपनी के ₹2,400 के योगदान में से ₹1,666 EPS में और ₹734 EPF में जमा होंगे।
अक्टूबर 2026 से लागू होगी गणना
EPFO के दिए गए उदाहरण के मुताबिक, अक्टूबर 2026 के वेतन महीने से पूरे महीने के लिए यह गणना लागू होगी। यानी वेतन सीमा बढ़ने के बाद ₹20,000 की EPF वेतन राशि वाले ऐसे कर्मचारियों को, जो अब तक केवल EPF के सदस्य थे, EPS की सदस्यता भी लेनी होगी।
इस व्यवस्था में कर्मचारी का 12% योगदान EPF में ही जमा होगा, जबकि नियोक्ता के 12% योगदान में से 8.33% EPS और 3.67% EPF में जाएगा।


