इस राज्य में महज ₹5,400 में लगवा सकेंगे घर में सोलर प्लांट
सरकार ने बुधवार यानी कि 21 अक्टूबर को छतों पर सोलर एनर्जी सिस्टम लगाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने की घोषणा की। इसके तहत ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को लागत का 10% और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को 5% ही देना होगा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। राज्य सरकार के प्रवक्ता जीतू वाघानी ने कहा कि इससे तीन लाख से अधिक परिवारों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि संशोधित सब्सिडी सिस्टम के तहत केंद्र सरकार की सहायता और लाभार्थी के हिस्से की राशि घटाने के बाद दो किलोवाट तक की क्षमता वाले छतों पर लगने वाले सोलर एनर्जी सिस्टम की बची लागत राज्य सरकार उठाएगी।
एक किलोवाट क्षमता वाले सौर सोलर प्लांट की लागत 54,000 रुपये है। इस पर केंद्र सरकार 32,400 रुपये की सब्सिडी देती है। नए सिस्टम के तहत सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 5,400 रुपये देने होंगे, जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों का योगदान 2,700 रुपये होगा। बची हुई लागत राज्य सरकार की सब्सिडी से पूरी की जाएगी। इसका मतलब है कि सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से 16,200 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी, जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के परिवारों को 18,900 रुपये की राहत मिलेगी।
इसी तरह, दो किलोवाट क्षमता वाले सौर सोलर प्लांट की लागत 1,07,200 रुपये है। इस पर केंद्र सरकार 62,800 रुपये की सब्सिडी देती है। अब सामान्य वर्ग के परिवारों को 10,720 रुपये और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के परिवारों को 5,360 रुपये देने होंगे। राज्य सरकार की विज्ञप्ति के मुताबिक बचा हुए फंड अतिरिक्त सब्सिडी के रूप में राज्य सरकार वहन करेगी। इस कदम का उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए छतों पर सोलर एनर्जी सिस्टम लगाना किफायती बनाना और राज्य में सोलर एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देना है।
सरकार के अनुसार, गुजरात में अब तक 14 लाख से अधिक परिवार अपने घरों में छतों पर सोलर एनर्जी प्लांट लगा चुके हैं। इनमें से 8.5 लाख से अधिक परिवारों ने पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर प्लांट लगाए हैं। इस कार्यक्रम के तहत गुजरात देश में पहले स्थान पर है। सरकार ने कहा कि छतों पर सोलर एनर्जी सिस्टम लगाने से परिवारों के बिजली बिल में कमी आ रही है। कुछ परिवार अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर उससे आय भी अर्जित कर रहे


