एसे एसएमएस से रहें सावधान, यूपीआई पिन डालते ही खाते से उड़ रही रकम
अगर आपके मोबाइल पर रुपये जमा होने का संदेश आए तो खुश होने से पहले अलर्ट जरूर हो जाएं। साइबर अपराधी इन दिनों फर्जी क्रेडिट एसएमएस और नकली यूपीआइ पे रिक्वेस्ट के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
साइबर पुलिस ने लोगों से किसी भी अनजान भुगतान अनुरोध पर यूपीआइ पिन दर्ज न करने और खाते की जानकारी केवल बैंक या अधिकृत यूपीआइ ऐप से ही जांचने की अपील की है।
ऑनलाइन ठगी का नया तरीका
साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ठगी के लिए अब फर्जी क्रेडिट एसएमएस का नया तरीका अपनाया है। इस ठगी में सबसे पहले व्यक्ति के मोबाइल पर ऐसा संदेश भेजा जाता है, जिसमें एक या दो हजार रुपये खाते में जमा होने का दावा किया जाता है। यह संदेश कई बार बैंक के वास्तविक अलर्ट जैसा दिखाई देता है, जिससे लोग आसानी से भ्रमित हो जाते हैं।
रुपये आने की उत्सुकता में कई लोग बिना पूरी जानकारी पढ़े नोटिफिकेशन पर क्लिक कर देते हैं। इसके बाद बैंक विवरण की जगह साइबर ठगों की ओर से भेजी गई पे रिक्वेस्ट या कलेक्ट रिक्वेस्ट खुल जाती है। यदि व्यक्ति इसे स्वीकार कर यूपीआई पिन दर्ज कर देता है तो उसके खाते से रकम सीधे ठगों के खाते में चली जाती है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि यूपीआई पिन केवल भुगतान करने या अधिकृत बैंकिंग प्रक्रिया के लिए होता है। किसी भी व्यक्ति से पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। यदि कोई व्यक्ति गलती से पैसे भेजने का दावा कर उन्हें वापस करने को कहे तो पहले अपने बैंक खाते का आधिकारिक स्टेटमेंट अवश्य जांचें। केवल मोबाइल पर आए संदेश के आधार पर कोई लेनदेन न करें। बताया कि किसी भी संदिग्ध एसएमएस, लिंक या फोन काल से सतर्क रहने की अपील की है।
यह करें
बैंक बैलेंस की पुष्टि हमेशा आधिकारिक बैंक या यूपीआइ ऐप से करें।किसी भी भुगतान अनुरोध को स्वीकार करने से पहले पूरी जानकारी जांचें।संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं।बैंक खाते का स्टेटमेंट नियमित रूप से जांचते रहें।
यह न करें
पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी यूपीआइ पिन दर्ज न करें।अनजान पे रिक्वेस्ट या कलेक्ट रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।किसी संदिग्ध लिंक, एसएमएस या कॉल पर भरोसा न करें।केवल मैसेज देखकर किसी के खाते में पैसे वापस न भेजें।


