उद्योग

Beekeeping Insurance: मधुमक्खी पालकों को 6.25 लाख रुपये तक का बीमा कवर

Beekeeping Insurance: मधुमक्खी पालकों को 6.25 लाख रुपये तक का बीमा कवर

Insurance Scheme: मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब मधुमक्खियों के बक्से खराब होने या कॉलोनियां बर्बाद होने पर किसानों को पूरा नुकसान अकेले नहीं उठाना पड़ेगा.

सरकार ने मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में शामिल कर लिया है.

इसके तहत अब किसान कम प्रीमियम देकर अपने मधुमक्खी पालन के बिजनेस को बीमा सुरक्षा दे पाएंगे. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि, योजना में अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिल सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं इसका फायदा किन किसानों को मिलेगा और इसके लिए क्या करना होगा.

किन परिस्थितियों में मिलेगा बीमा का फायदा?

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा के मुताबिक, मधुमक्खियों के बक्से और कॉलोनियां डूबने या आग लगने से बर्बाद होने पर बीमा का फायदा मिलेगा. इसके अलावा मधुमक्खियों में महामारी फैलने से नुकसान होने पर भी मुआवजे का प्रावधान किया गया है.

अगर मधुमक्खी पालक अपनी कॉलोनियों को एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहे हैं और रास्ते में दुर्घटना हो जाती है, तो उसका नुकसान भी बीमा में शामिल होगा. हालांकि, दुर्घटना हरियाणा की सीमा के अंदर होनी चाहिए. इसके लिए एफआईआर या डीडीआर दर्ज होना जरूरी है.

कितना देना होगा बीमा प्रीमियम?

सरकार ने मधुमक्खी पालकों के लिए बीमा शुल्क कम रखा है. योजना के तहत एक मधुमक्खी कॉलोनी का प्रीमियम 50 रुपये और एक बॉक्स का प्रीमियम भी 50 रुपये तय किया गया है. इसके बदले एक कॉलोनी पर 1,250 रुपये और एक बॉक्स पर 1,250 रुपये का बीमा कवर मिलेगा. यानी किसान अपने बक्सों और कॉलोनियों की संख्या के हिसाब से बीमा करा सकते हैं.

योजना में अधिकतम 250 मधुमक्खी कॉलोनियों और 250 बक्सों का बीमा कराया जा सकता है. इस हिसाब से 250 कॉलोनियों के लिए 3,12,500 रुपये और इतने ही बक्सों के लिए 3,12,500 रुपये का कवर मिलेगा. दोनों को मिलाकर कुल बीमा सुरक्षा 6.25 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. हालांकि, इसके लिए कुल प्रीमियम 25,000 रुपये होगा. मुआवजा असल नुकसान और योजना की शर्तों के आधार पर मिलेगा.

योजना का फायदा लेने के लिए क्या करना होगा?

बीमा का फायदा लेने के लिए मधुमक्खी पालकों का भावांतर भरपाई योजना शहद के तहत रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है. साथ ही हर मधुमक्खी बॉक्स पर योजना का यूनिक नंबर भी होना चाहिए. किसान पात्रता, पंजीकरण और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी अपने जिले के जिला उद्यान अधिकारी से ले सकते हैं. इसके अलावा हरियाणा उद्यान विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2021 पर भी संपर्क कर सकते हैं.

Share