Monday, 19 October 2026 LATEST NEWS • BEYOND LIMITS
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पूजा-पाठ से लेकर खाने-पीने तक के समानों के बढ़े दाम, त्योहार की खरीदारी भी पड़ेगी जेब पर भारी

रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसाले, दाल-चावल और चीनी से लेकर काजू-बादाम जैसे मेवे तक महंगे हो गए हैं. धनतेरस पर बर्तन खरीदने और घर के लिए टीवी, फ्रिज या वॉशिंग मशीन लेने की योजना बना रहे लोगों के बजट पर भी कीमतों में बढ़ोतरी का असर पड़ रहा है.

कई खाद्य उत्पादों के दाम कुछ ही दिनों में तेजी से बढ़े हैं, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने त्योहारी ऑफर आने से पहले ही अपने उत्पादों की कीमतों में इजाफा कर दिया है. ऐसे में छूट और आकर्षक ऑफर के बावजूद ग्राहकों को खरीदारी के लिए ज्यादा पैसे खर्चने पड़ सकते हैं.

चीनी से जीरे तक महंगाई ने बिगड़ा रसोई का बजट

किराना बाजार में चीनी की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने ग्राहकों की परेशानी बढ़ा दी है. करीब 20 दिन पहले 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंची चीनी की कीमत घटकर 50 रुपये तक आ गई थी. लेकिन महज तीन दिनों के भीतर इसमें आठ रुपये प्रति किलोग्राम तक का इजाफा हो गया है और इसका भाव फिर से चढ़कर 58 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है. मसालों की कीमतों में भी राहत नहीं है. कमजोर मॉनसून के चलते पैदावार प्रभावित होने से जीरा, धनिया और हल्दी के दाम महज 15 दिनों में 15 फीसदी तक बढ़ गए हैं.

किराना मंडी के थोक कारोबारी विशेश्वर राजदान के मुताबिक, मेथी दाना करीब 10 फीसदी महंगा हो गया है. छोले और काले चने की कीमतों में 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पिछले दो महीनों में चावल के दाम 25 फीसदी तक की उछाल आई है. महंगाई का असर केवल महंगे मसालों तक सीमित नहीं है बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल कई चीजों के लिए अब अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं.

एक महीने में मेवों के दाम में बड़ा उछाल

त्योहारों में मिठाइयों और सूखे मेवों के पैकेट उपहार में देने की परंपरा है. लेकिन बादाम, काजू, पिस्ता, अखरोट गिरी और किशमिश गिरी के भाव में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है. इनकी कीमतें बढ़ने से इन उपहारों को तैयार करने की लागत भी बढ़ रही है. जिससे इस बार सूखे मेवे और मिठाइयों को उपहार में देना लोगों की जेबों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है.

सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में बादाम 900 से बढ़कर 1,200 रुपये प्रति किलो, काजू 1,000 से 1,100 रुपये, पिस्ता 1,200 से बढ़कर 1,800-1,900 रुपये और अखरोट की गिरी 1,350 से बढ़कर 1,500 रुपये प्रति किलो हो गई। इसी तरह जीरा 250 से बढ़कर 300-350 रुपये, धनिया 230 से 280 रुपये, हल्दी 190 से 250 रुपये और चीनी 52 से 58 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। चावल के दाम 40-100 रुपये से बढ़कर 60-120 रुपये प्रति किलो हो गए, जबकि अरहर दाल 130 से बढ़कर 150 रुपये प्रति किलो बिक रही है.

इन कीमतों में सबसे तेज उछाल पिस्ता में दिखाई देता है. सितंबर में 1,200 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाला पिस्ता अब 1800 से 1900 रुपये तक पहुंच गया है. बादाम के लिए भी ग्राहकों को अब 300 रुपये प्रति किलोग्राम अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं. काजू की कीमत 1000 से बढ़कर 1100 रुपये और अखरोट की गिरी का भाव 1350 से बढ़कर 1500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है. जीरा, धनिया और हल्दी की बढ़ती कीमतें भी किराना खरीदारी का कुल बिल बढ़ा रही हैं.

ड्राई फ्रूट्स महंगे होने से गिफ्ट पैक पर भी असर

खारी बावली के थोक कारोबारी जितेंद्र मेहता के अनुसार, ड्राई फ्रूट्स की घरेलू उपलब्धता काफी हद तक अफगानिस्तान, ईरान और अमेरिका से होने वाले आयात पर निर्भर करती है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति, फसल की स्थिति, डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और आयात एवं ढुलाई की लागत का सीधा असर यहां की कीमतों पर पड़ता है. रुपये की कमजोरी और आयात में कमी से भी बाजार में दबाव बढ़ा है. ऐसे में त्योहारों के दौरान मेवों की मांग बढ़ने पर कीमतों में तेजी का असर उपहारों के बजट में साफ नजर आ रहा है.

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