टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! 3 बार बिकी पल्सर बाइक से मिला सुराग, अब मालिक से पूछताछ
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: तीन बार खरीदी-बेची गई पल्सर बाइक बरामद, पुलिस जांच में जुटी
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना की जांच में मुंबई पुलिस को अहम सुराग मिला है। पुलिस ने कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई पीले रंग की पल्सर बाइक को अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास से बरामद किया है। बाइक को डीएन नगर पुलिस स्टेशन ले जाकर उसके दस्तावेजों और पुराने मालिकों की जानकारी की जांच की जा रही है।
तीन बार बदली बाइक की मालिकी
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बाइक पहले जोगेश्वरी में रहने वाले एक व्यक्ति के पास थी। इसके बाद इसे दूसरे और फिर तीसरे व्यक्ति को बेचा गया। जांच में सामने आया है कि बाइक की तीन बार खरीद-बिक्री हुई थी। बताया जा रहा है कि तीसरे मालिक ने इसे कथित तौर पर शूटर्स को बेचा था, लेकिन दस्तावेजों में मालिकाना हक का हस्तांतरण नहीं कराया गया था।
पुलिस बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के जरिए उसके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है। बाइक के मालिक से भी पूछताछ की गई है। इस जांच से हमलावरों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग
यह घटना रविवार, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में पुष्पा नरसी पार्क के पास हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, बाइक पर आए हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर गोलीबारी की। अभिनेता इस घटना में सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए।
घटना के बाद मुंबई पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। जांच के तहत घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की जा रही है। पुलिस हमलावरों के आने-जाने के रास्तों और बाइक से जुड़े सुरागों की भी जांच कर रही है।
सोशल मीडिया पर गिरोह के दावे की जांच
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई, जिसमें कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। हालांकि, ऐसे दावे की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि होने तक इसे जांच का विषय ही माना जाना चाहिए।
पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी
मुंबई पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बाइक की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच में अहम हो सकते हैं। फिलहाल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर जांच जारी है। पुलिस की आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता को अंतिम रूप से तय नहीं माना जा सकता।
