मनरेगा मजदूरी दर बदली तो गांव के परिवार की कमाई कितनी बदल जाएगी
लाखों परिवारों के लिए मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, घर के बजट की रीढ़ है। जब भी मजदूरी दर में बदलाव की खबर आती है तो हर परिवार के मन में यही सवाल उठता है कि इससे उनकी कमाई पर असल असर कितना पड़ेगा।
mnrega wage rate state wise व्यवस्था को समझे बिना इस सवाल का जवाब नहीं मिलता, क्योंकि दर हर राज्य के लिए अलग तय होती है। छोटी लगने वाली दैनिक बढ़ोतरी साल के अंत में हजारों रुपये के अंतर में बदल जाती है। इसलिए दर का हिसाब और उसे जांचने का तरीका, दोनों जानना हर ग्रामीण परिवार के लिए काम की बात है।
100 दिन की गारंटी और राज्यवार दरों का ढांचा
मनरेगा कानून का मूल ढांचा यह है कि हर ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी मिलती है। परिवार के वयस्क सदस्य काम की मांग कर सकते हैं और जॉब कार्ड पर उनका काम दर्ज होता है। मजदूरी की दर केंद्र सरकार हर साल संशोधित करके अधिसूचित करती है, लेकिन यह दर पूरे देश के लिए एक नहीं होती। हर राज्य की दर अलग तय होती है, जो वहां की जीवन लागत और परिस्थितियों के हिसाब से बदलती है। पिछले वर्षों की दिशा देखें तो दरें मोटे तौर पर 220 रुपये से लेकर 400 रुपये से ऊपर के दायरे में अलग-अलग राज्यों में रही हैं। इसलिए किसी दूसरे राज्य की दर सुनकर अपने यहां की कमाई का अंदाज लगाना गलत होगा – अपने राज्य की अधिसूचित दर ही असली आधार है।
दर में छोटा बदलाव, परिवार की कमाई में कितना बड़ा असर
असल हिसाब उदाहरण से समझिए। मान लीजिए किसी राज्य में मजदूरी दर में 20 रुपये प्रति दिन की बढ़ोतरी होती है। देखने में यह रकम बहुत छोटी लगती है, लेकिन अगर परिवार को पूरे 100 दिन काम मिलता है तो सालाना कमाई में सीधे 2,000 रुपये का इजाफा हो जाता है। यही हिसाब उलटी दिशा में भी लागू होता है – अगर किसी साल काम के दिन कम मिले, मान लीजिए सिर्फ 60 दिन, तो वही बढ़ोतरी साल में 1,200 रुपये का ही लाभ देगी। यानी दर के साथ-साथ मिले हुए काम के दिन भी कमाई तय करते हैं। कई परिवारों में दो सदस्य काम करते हैं, पर गारंटी परिवार के लिए कुल 100 दिन की होती है, यह बात भी बजट बनाते समय ध्यान रखनी चाहिए। यह गणित अनुमान पर आधारित है, असली कमाई दर, दिनों और उपस्थिति पर निर्भर करेगी।
अपने राज्य की ताजा दर कैसे जांचें
ताजा दर जानने के कई भरोसेमंद रास्ते हैं। सबसे पहला रास्ता ग्राम पंचायत कार्यालय है, जहां दर की सूचना और काम का पूरा हिसाब मिलता है। जॉब कार्ड पर दर्ज प्रविष्टियों से भी पता चलता है कि किस दर से भुगतान हुआ। ऑनलाइन जांच के लिए मनरेगा का आधिकारिक पोर्टल उपलब्ध है, जहां राज्य चुनकर दर और अपने गांव के काम व भुगतान की जानकारी देखी जा सकती है। किसी एजेंट या अधूरी खबर के भरोसे न रहें। यदि भुगतान दर से कम आया हो या दिनों का हिसाब गड़बड़ लगे तो पंचायत सचिव या खंड विकास अधिकारी से लिखित जानकारी मांगना परिवार का हक है।


