US-Iran Conflict: ट्रंप ने ईरान के क़ेश्म द्वीप पर हमले की पुष्टि की, एयर डिफेंस सिस्टम को बनाया निशाना
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच एक बार फिर सैन्य तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के क़ेश्म द्वीप पर सीमित हवाई हमले किए हैं। उनके मुताबिक, इस कार्रवाई का निशाना ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम था।
यह द्वीप रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल की आपूर्ति होती है। ताजा हमले के बाद क्षेत्र में तनाव को लेकर चिंता बढ़ गई है।
क़ेश्म द्वीप पर हुए धमाकों की खबर
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, क़ेश्म द्वीप के सूजा इलाके में दो मिसाइलों से हमले हुए और धमाकों की आवाज सुनी गई। इसके बाद ईरानी सेना ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस यूनिट ने एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है।
हालांकि, ड्रोन गिराए जाने के ईरान के दावे की अमेरिका की ओर से पुष्टि नहीं की गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शुरुआती रिपोर्टों पर टिप्पणी करते हुए क्षेत्र की स्थिति को अपेक्षाकृत शांत बताया।
ट्रंप ने हमले को बताया सीमित सैन्य कार्रवाई
डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के नए एयर डिफेंस उपकरण को निशाना बनाया। उन्होंने इस कार्रवाई को सीमित हमला बताया और दावा किया कि अमेरिकी सेना ने कुछ ही मिनटों में उस उपकरण को निष्क्रिय कर दिया।
अमेरिका की ओर से इस कार्रवाई को रक्षात्मक कदम बताया गया है। इससे पहले भी अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास ईरान के सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में क्यों बढ़ी चिंता?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां किसी भी सैन्य टकराव का असर तेल की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है।
इससे पहले क़ेश्म और हेंगाम द्वीपों के साथ बंदर अब्बास के आसपास भी धमाकों और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आई थीं। ताजा हमले ने इस क्षेत्र में जारी तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है।
हमलों के बीच बातचीत की कोशिशें भी जारी
सैन्य कार्रवाई के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत की संभावनाएं बनी हुई हैं। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत में प्रगति हुई है। वहीं, कतर दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और बातचीत आगे बढ़ाने के लिए मध्यस्थता कर रहा है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ताजा हमले के बाद दोनों देशों के बीच आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। क्षेत्र में हालात पर अंतरर


